


मुंबई/महाराष्ट्र:देश में एक के बाद एक बड़ी घटनाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ दिनों पहले कश्मीर में घूमने गए पर्यटकों को आतंकवादियों के द्वारा गोली मारकर मौत के घाट उतारा जाता है। और राजधानी मुंबई से सटे ठाणे जिले के मुंब्रा में लोकल ट्रेन से गिरकर पांच से छह लोग की मौत हो जाती है।
ऐसे और पिछले चार दिनों में देश में पांच बड़े हादसे देखने को मिले हैं। अभी अहमदाबाद विमान हादसे के दर्द लोग उभरे भी नहीं थे। रविवार को उत्तराखंड में हेलिकॉप्टर दुर्घटना में सात लोगों की मौत हुई है। वहीं रविवार को ही महाराष्ट्र के पुणे में पुल ढह गया। जिसमें 32 लोगों के घायल होने और दो की मौत की जानकारी सामने आ रही है।
देश में बीते चार दिनों में तीन बड़े हादसे हो चुके हैं, जिससे देश में गम का माहौल है। पहला हादसा कश्मीर और दूसरा मुंबई से सटे ठाणे जिले के मुंब्रा में लोकल ट्रेन से और उसके बाद 12 जून को अहमदाबाद में हुआ, जहां अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरने वाला एयर इंडिया का विमान हादसे का शिकार हो गया।
इस हादसे से लोग उबरे भी नहीं थे, रविवार 15 जून को केदारनाथ के करीब एक हेलीकॉप्टर हादसे का शिकार हो गया, जिसमें सात लोगों की मौत हो गई। रविवार को ही मथुरा में एक और बड़ा हादसा हो गया, जहां खुदाई के दौरान चार से पांच मकान गिर गए। हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई है। मकानों के मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका है। वहीं पुणे में रविवार शाम को एक पुल ढह जाने के कारण 32 लोग घायल हो गए और दो लोगों की मौत की खबर है। अहमदाबाद विमान हादसा,12 जून को एयर इंडिया की फ्लाइट संख्या एआई 171 अहमदाबाद हवाई अड्डे से उड़ान भरते ही क्रैश हो गई थी। इस हादसे में 270 लोगों की मौत हुई। जान गंवाने वालों में गुजरात के पूर्व सीएम विजय रुपाणी भी थे। अहमदाबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से एयर इंडिया के विमान ने लंदन गैटविक के लिए उड़ान भरी थी, लेकिन टेक ऑफ होते ही विमान के दोनों इंजन फेल हो गए और विमान लहराते हुए रिहायशी इलाके में गिरा।
विमान जिस इमारत पर गिरा, वह डॉक्टर हॉस्टल था, जिससे कई इंटर्न डॉक्टर भी हादसे की चपेट में आकर जान गंवा बैठे। विमान में कुल 242 यात्री सवार थे, जिनमें से 169 भारतीय, 53 ब्रिटिश नागरिक, एक कनाडाई नागरिक और सात पुर्तगाली नागरिक शामिल थे। विमान के यात्रियों में से सिर्फ एक यात्री की जान बच सकी, जो विमान के क्रैश होते ही नीचे गिर गया था।केदारनाथ के नजदीक हेलीकॉप्टर हादसा।रविवार को उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के दौरान एक बड़ा हादसा हुआ। दरअसल केदारनाथ से गुप्तकाशी आ रहा हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया।
इस हादसे में सात लोगों की मौत हो गई। मृतकों में 23 महीने का बच्चा भी शामिल है। जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह आर्यन कंपनी का हेलीकॉप्टर क्रैश हुआ। हेलीकॉप्टर गौरीकुंड इलाके में सुबह 5.30 बजे क्रैश हुआ। हादसे की वजह खराब मौसम को बताया जा रहा है। मृतकों की पहचान रुद्रप्रयाग निवासी विक्रम सिंह, बिजनौर उत्तर प्रदेश निवासी विनोद देवी और तुस्ती सिंह, महाराष्ट्र के राजकुमार सुरेश जायसवाल, शारदा जायसवाल और 23 महीने की बच्ची काशी, राजस्थान के कैप्टन राजीव के रूप में हुई है। पुणे में इंद्रायणी नदी पर लोहे से बना पुल ढहने से दो की मौत, 32 लोग घायल।पुणे,महाराष्ट्र के पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस स्टेशन के अंतर्गत कुंदामाला गांव के पास इंद्रायणी नदी पर बना एक पुल ढह गया है।
इस हादसे में कई लोगों के फंसे होने की आशंका है, जबकि हादसे में दो लोगों की मौत हो गई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस घटना में दो लोगों की मौत हो गई है। कुछ लोग बह गए हैं, इसलिए युद्ध स्तर पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। मौके पर एनडीआरएफ को तैनात किया गया है। अब तक 6 लोगों को बचाया गया है। सभी एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रहने का आदेश दिया गया है। 32 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से 6 की हालत गंभीर है। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।मथुरा में टीला खिसकने से पांच मकान धराशायी ।मथुरा में गिरे कई मकान, तीन की मौत, कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका।
मथुरा के गोविंद नगर क्षेत्र में रविवार को बड़ा हादसा हो गया। शाहगंज दरवाजा क्षेत्र में सिद्ध बाबा मंदिर के पास टीला खिसकने से पांच मकान धराशायी हो गए। मकान ढहने से मकानों में रहने वाले लोग और पास में ही निर्माणाधीन दीवार पर काम कर रहे मजदूरों समेत दर्जन भर लोग मलबे में फंस गए। इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई है। पुलिस प्रशासन जेसीबी और अन्य मशीनों के जरिए मौके पर राहत बचाव कार्य कर रहा है। मलबे में दबे लोगों को निकालकर अस्पताल भिजवाया गया है। घायलों की हालत गंभीर है। नर्मदा नहीं में डूबे युवक की तलाश जारी। ओंकारेश्वर में नर्मदा नदी में चार युवक डूबे।ओंकारेश्वर में रविवार का दिन एक बार फिर नर्मदा नदी में हुए हादसों के नाम रहा। अलग-अलग घाटों पर हुई दो घटनाओं में चार युवक नदी में डूब गए। स्थानीय नाविकों ने दो को बचा लिया, लेकिन एक युवक की मौत हो गई और एक अब भी लापता है।
पहली घटना नर्मदा-कावेरी संगम घाट पर घटी, जहां महाराष्ट्र के मालेगांव (जिला नासिक) से आए कृष्णा पवार (32) अपने दो दोस्तों के साथ परिवार के सदस्य की अस्थियां विसर्जित करने पहुंचे थे। घाट पर पानी कम होने के कारण तीनों युवक नदी के गहरे पानी में चले और अचानक डूबने लगे। कृष्णा पवार ने अपने दो दोस्तों को तो बचा लिया, लेकिन खुद वह नर्मदा नदी में डूब गए। ऐसे में कौन जिम्मेदार होगा। और लोग अपने को कहा सुरक्षित महसूस करें। ऐसी जगह-जगह हो रही घटना, दुर्घटना से लोगों में काफी डर व्याप्त है। ऐसी खौफनाक मंजर दर्दनाक मौत देखने के बाद लोगों की रूह कांप रही है।आखिर लोग जाए तो जाए कहा। मौत तो ऐसे आवाज लगा रही है कि जहां-जहां जाओगे हमें ही पाओगे। नभ,थल, जल जहां से भी गुजरों सिर्फ मौत दिखाई दे रही है।यह एक प्राकृतिक आपदा है या शासन-प्रशासन की नाकामियों का पिटारा जो एक-एक करके लोगों को मौत के आगोश में ले रही है। आख़िर ऐसे में जनता बेचारी की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा। या टीवी पर और मीडिया में भाषणबाजी और कागजी खानापूर्ति कर सरकार से लेकर शासन-प्रशासन अपना पल्ला झाड़ लेगा।और राजनैतिक दलों के लोग अपने निजी स्वार्थ के फायदे के लिए ओछी राजनीति करेंगे। और मानवता को शर्मशार कर घड़ियालू आंसू बहाकर लोगों को मरने के लिए छोड़ तमाशा देखते रहेंगे। यह राजनीति करने का समय नही है। शासन प्रशासन से लेकर सरकार को गंभीरता से कार्रवाई करने की और जनता की सुरक्षा मुहैया कराने की जरूरत है। यह सब बहुत दुखद घटना है। आगे ऐसी खौफनाक मंजर और अनहोनी घटना न घटित हो उसके लिए सरकार से लेकर शासन-प्रशासन को पैनी नजर और ध्यान रखना जरूरी है। आखिर ऐसा क्या ठोस कदम सरकार उठाएं ,जिससे लोगों की जानमाल की रक्षा और सुरक्षा मुहैया हो सके। यह एक दुखद और अनहोनी घटना एवं दुर्घटना है, इसपर बहुत गंभीरता से सोचने समझने और लोगों के जानमाल की रक्षा-सुरक्षा की व्यवस्था कर दोषी पाए जाने वाले पर कड़क कार्रवाई होनी चाहिए। कही न कही कुछ तो गड़बड़ है अगर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले दिनों में बहुत से अनहोनी घटना घटित होगी। लोग खौफ के साए में हैं। आखिर जाए तो जाए कहा। हर तरफ नभ, थल, जल, घर हो या बाहर लोगों को मौत दिखाई दे रही है। ऐसा लगता है मौत लोगों को चिल्लाकर आवाज दे रही है कि जहां जहां जाओगे वहां वहां हमें पाओगे। लोगों के जिंदगी का भरोसा नहीं न जाने कब कहा कैसे किस भेष में मौत अपना शिकार बना ले। सभी अपने जानमाल की सुरक्षा स्वयं करें।सावधान रहें, सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur.









